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Showing posts from April, 2025

Hanuman Vadvanal Stotra | हनुमान वडवानल स्तोत्र: हनुमान जी की पूजा का शक्ति शाली मंत्र

  हनुमान वद्वनाल स्तोत्र   एक अत्यंत शक्तिशाली मंत्र है, जिसे विशेष रूप से संकटों को दूर करने और शत्रुओं से बचने के लिए भगवान हनुमान की पूजा में उच्चारित किया जाता है। यदि आप इस मंत्र का सही लाभ प्राप्त करना चाहते हैं और हनुमान जी से अपनी सुरक्षा और आशीर्वाद की कामना करते हैं, तो यहाँ आपको Hanuman Vadvanal Stotra   का सही उच्चारण मिलेगा, जो आपके जीवन में सुख और समृद्धि लाएगा। Hanuman Vadvanal Stotra ॥ विनियोग ॥ ॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल-स्तोत्र-मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं मम समस्त विघ्न-दोष-निवारणार्थे, सर्व-शत्रुक्षयार्थे ॥ सकल-राज-कुल-संमोहनार्थे, मम समस्त-रोग-प्रशमनार्थम् आयुरारोग्यैश्वर्याऽभिवृद्धयर्थं समस्त-पाप-क्षयार्थं श्रीसीतारामचन्द्र-प्रीत्यर्थं च हनुमद् वडवानल-स्तोत्र जपमहं करिष्ये॥ ॥ ध्यान ॥ मनोजवं मारुत-तुल्य-वेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठं वातात्मजं वानर-यूथ-मुख्यं श्रीरामदूतम् शरणं प्रपद्ये ॥1॥ ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते श्रीमहा-हनुमते प्रकट-पराक्रम सकल-दिङ्मण्डल-यशोवितान-धवलीकृत-जगत-त्रित...

Hanuman Ji Ki Aarti | हनुमान जी की आरती: भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम

हनुमान जी की आरती एक ऐसी भक्ति रचना है जो हर हनुमान भक्त के दिल में विशेष स्थान रखती है। भगवान श्री हनुमान, जो शक्ति, भक्ति और साहस के प्रतीक माने जाते हैं, उनकी आरती का पाठ करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति भी प्राप्त होती है। Hanuman Ji Ki Aarti में उनकी महिमा का बखान किया गया है और उनके अद्वितीय साहस और समर्पण की पूजा की गई है। यह आरती हर संकट से उबारने और संकटों के दौरान हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का एक साधन है। इनके आरती का पाठ करने से जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और भक्ति के साथ-साथ शांति और शक्ति का अनुभव होता है। इस आरती के माध्यम से भक्त अपने अंदर हनुमान जी के अद्वितीय गुणों को समाहित कर सकते हैं। हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥ लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ आरती कीजै हनु...

Hanuman Ji Ki Aarti | हनुमान जी की आरती: भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम

हनुमान जी की आरती एक ऐसी भक्ति रचना है जो हर हनुमान भक्त के दिल में विशेष स्थान रखती है। भगवान श्री हनुमान, जो शक्ति, भक्ति और साहस के प्रतीक माने जाते हैं, उनकी आरती का पाठ करने से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति भी प्राप्त होती है। Hanuman Ji Ki Aarti में उनकी महिमा का बखान किया गया है और उनके अद्वितीय साहस और समर्पण की पूजा की गई है। यह आरती हर संकट से उबारने और संकटों के दौरान हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने का एक साधन है। इनके आरती का पाठ करने से जीवन में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और भक्ति के साथ-साथ शांति और शक्ति का अनुभव होता है। इस आरती के माध्यम से भक्त अपने अंदर हनुमान जी के अद्वितीय गुणों को समाहित कर सकते हैं। हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥ लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ आरती कीजै हनुम...